अंतरराष्ट्रीय

UNGA81 में भारत का डंका: आयुष्मान भारत से लेकर सिकल सेल उन्मूलन का ग्लोबल मॉडल प्रस्तुत

वैश्विक मंच पर भारत का हेल्थ विजन: 2047 तक सिकल सेल और 2030 तक हेपेटाइटिस खत्म करने का संकल्प

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

    न्यूयॉर्क में आयोजित 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA81) में भारत ने अपने मजबूत स्वास्थ्य ढांचे और डिजिटल क्रांति का परचम लहराया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने वैश्विक मंच पर यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (UHC) की प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारत किस प्रकार तकनीक और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहा है।

    भारत ने UHC और हेपेटाइटिस उन्मूलन पर आयोजित दो प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया। देश में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 90 करोड़ से अधिक यूनिक हेल्थ आईडी (ABHA) और ई-संजीवनी के माध्यम से 49.7 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन यह साबित करते हैं कि भारत का स्वास्थ्य मॉडल समावेशी और असरदार है। ‘आयुष्मान भारत पीएम-जय’ और मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवाओं ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बड़े वित्तीय बोझ को कम किया है।

    इसके साथ ही, भारत ने हेपेटाइटिस बी और सी को 2030 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे से समाप्त करने का संकल्प दोहराया। 2018 में शुरू हुए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अब तक 22.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

    वैश्विक स्वास्थ्य साझेदारी को मजबूत करते हुए भारत ने WHO, UNICEF और नाइजीरिया जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर ‘OneSCD’ ग्लोबल पार्टनरशिप की सह-मेजबानी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में शुरू हुए ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन’ के तहत भारत का लक्ष्य 2047 तक इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करना है। इस मिशन के तहत अब तक 7.29 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है और लगभग 5 करोड़ सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। भारत ने साफ कर दिया है कि वह सस्ती, पारदर्शी और तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवा देने में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

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