गन्ना किसानों को राहत, सदस्यता की तारीख बढ़ी
समिति सदस्यता और उपज बढ़ोत्तरी के लिए अब 10 अक्टूबर तक मिलेगा अवसर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
गन्ना किसानों की मांग और हाल में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना समिति सदस्यता तथा उपज बढ़ोत्तरी की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अक्टूबर 2026 कर दी है। पहले यह समयसीमा 30 सितंबर निर्धारित थी। निर्णय से उन किसानों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो निर्धारित अवधि में समिति के सदस्य नहीं बन सके थे।
किसानों को 10 दिन की मोहलत
आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने समीक्षा बैठक में बताया कि किसानों एवं किसान जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए सदस्यता के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब 10 अक्टूबर तक बनाए गए नए समिति सदस्यों को पेराई सत्र 2026-27 में नियमानुसार गन्ना आपूर्ति की सुविधा मिल सकेगी।
नए गन्ना किसानों को सीधा लाभ
गन्ना आयुक्त ने विशेष रूप से उन किसानों से समिति सदस्य बनने की अपील की है, जिन्होंने पहली बार गन्ने की खेती की है। समिति की सदस्यता लेकर वे वर्तमान पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति का लाभ उठा सकेंगे और राज्य सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य दर पर अपनी उपज की आपूर्ति कर सकेंगे।
उपज बढ़ोत्तरी का भी मौका
जिन किसानों की गन्ने की उपज जिले के औसत उत्पादन से अधिक है, वे भी 10 अक्टूबर तक उपज बढ़ोत्तरी के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। विभाग के अनुसार उपज बढ़ोत्तरी की सुविधा उन्हीं किसानों को अनुमन्य होगी, जिन्होंने निर्धारित अंतिम तिथि तक अपना आवेदन जमा कर दिया है।
गन्ना उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
विभाग का मानना है कि अधिक से अधिक गन्ना किसानों के समिति सदस्य बनने से पेराई सत्र में गन्ने की उपलब्धता को भी मजबूती मिलेगी। समयसीमा बढ़ाने का फैसला किसानों की सुविधा के साथ-साथ गन्ना आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चौबीसों घंटे किसान सहायता
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए गन्ना विकास विभाग ने मुख्यालय स्तर पर टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 स्थापित किया है। विभाग ने किसानों से समस्या होने पर किसी भी समय कॉल कर सहायता लेने की अपील की है।
यह फैसला प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की मांगों के बीच उन्हें अतिरिक्त अवसर और राहत देने वाला कदम माना जा रहा है।



