
छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया लोकतंत्र पर हमला
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर छात्रों और युवाओं के साथ कठोर व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध की आवाज को बल प्रयोग से दबाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग जैसी घटनाएं लोकतंत्र की भावना के विपरीत हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को युवाओं की बात सुनने के बजाय उन्हें दबाने की नीति नहीं अपनानी चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता अपेक्षित है।
पेपर लीक पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख ने कहा कि नीट परीक्षा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भी अनेक भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं और अभ्यर्थियों को बार-बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
‘युवा अवसर चाहते हैं, आश्वासन नहीं’
अखिलेश यादव ने कहा कि देश का मध्यम वर्ग अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार को लेकर चिंतित है, लेकिन रोजगार के अवसर अपेक्षित गति से नहीं बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास और निवेश के दावे कर रही है, जबकि युवाओं के सामने रोजगार और पारदर्शी भर्ती की चुनौती बनी हुई है।
सरकार से जवाबदेही की मांग
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं की आवाज को सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए।
राजनीतिक हलकों में अखिलेश यादव के इन बयानों को आगामी चुनावी माहौल और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।



