उत्तर प्रदेश

ईंधन बचत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर योगी सरकार का बड़ा फोकस

दयाशंकर सिंह के सख्त निर्देश, सरकारी खर्च और ईंधन खपत में होगी कटौती

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने वैश्विक और राष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मंत्री ने बताया कि 11 मई 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर विशेष चर्चा हुई थी। उसी के क्रम में परिवहन विभाग को आगामी 12 माह के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ई-वाहनों और सार्वजनिक परिवहन वाहनों को अधिक प्रोत्साहन मिल सके।

दयाशंकर सिंह ने कहा कि पीक आवर्स में बसों के फेरे बढ़ाए जाएं, जिससे लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन सरकारी और निजी कार्यालयों में 500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां परिवहन विभाग और राज्य सड़क परिवहन निगम मिलकर विशेष बस सेवाएं संचालित करें।

मंत्री ने सरकारी वाहनों के उपयोग पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि ‘पूल कार’ व्यवस्था का ऑडिट किया जाए और अधिकारियों को आवंटित अतिरिक्त वाहनों को वापस लिया जाए। साथ ही डीजल और पेट्रोल के उपयोग में अधिकतम कटौती सुनिश्चित की जाए।

ऊर्जा बचत के लिए सभी कार्यालयों और डिपो में रात 10 बजे के बाद अनावश्यक लाइटें बंद रखने तथा एसी का तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस पर निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने चंदौली मॉडल के तहत गोबर गैस से ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था का अध्ययन कर परिवहन निगम के डिपो और कार्यशालाओं में इसे लागू करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही निगम की कैंटीनों में आयातित खाद्य तेलों के उपयोग में कमी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

निर्माण कार्यों में बायो-बिटुमेन के उपयोग को प्राथमिकता देने, पीएनजी कनेक्शन की संभावनाएं तलाशने और आगामी छह माह तक अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर रोक लगाने जैसे फैसले भी लिए गए हैं।

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