शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर 194 गन्ना पर्यवेक्षकों को स्थायीकरण का सौगात
लंबे समय से लंबित वेतनवृद्धि और अन्य सेवा लाभ हुए बहाल, प्रशासनिक दक्षता को मिलेगी नई गति

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन, पारदर्शी प्रशासन और कर्मचारी-हितैषी नीतियों के अनुरूप चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने कार्मिकों के कल्याणार्थ एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिया है। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व के शुभारंभ पर, विभागीय ऑनलाइन परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने और अपनी परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) पूर्ण करने वाले 194 गन्ना पर्यवेक्षकों के स्थायीकरण की घोषणा कर दी गई है। इस निर्णय से उन सभी गन्ना पर्यवेक्षकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है जो लंबे समय से अपने स्थायीकरण की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के फलस्वरूप, वर्ष 2018 एवं 2021 में नियुक्त इन कार्मिकों की वर्षों से लंबित पड़ी वेतनवृद्धियां (इंक्रीमेंट्स) तत्काल प्रभाव से बहाल हो गई हैं। इसके साथ ही, वे अब पात्रता के आधार पर अन्य सभी अनुमन्य सेवा लाभों को प्राप्त करने के भी अधिकारी बन गए हैं। यह पहल कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों के समयबद्ध और न्यायसंगत निस्तारण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
गन्ना आयुक्त महोदय ने इस संदर्भ में प्रकाश डालते हुए कहा कि गन्ना पर्यवेक्षक विभाग की रीढ़ हैं और वे मैदानी स्तर पर विभागीय कार्यप्रणाली को गति प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों तक सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने, सटीक गन्ना सर्वेक्षण करने और विभागीय गतिविधियों के सुचारू संचालन में इनका योगदान अतुलनीय है। कार्मिकों के स्थायीकरण से उनके भीतर उत्तरदायित्व की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।
इस निर्णय से न केवल कार्मिकों का मनोबल सातवें आसमान पर होगा, बल्कि विभागीय कामकाज में अभूतपूर्व तेजी, कार्यकुशलता और प्रशासनिक कसावट देखने को मिलेगी। कर्मचारियों और प्रशासन के मध्य विश्वास का यह सेतु सकारात्मक कार्य-संस्कृति को और अधिक प्रगाढ़ करेगा।



