राजनीति

नेताजी का मार्ग ही हमारा संकल्प: सैफई में उमड़ा जनसैलाब

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

लखनऊ/सैफई: समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ‘नेताजी’ मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश और प्रदेश नम आंखों से उन्हें याद कर रहा है। सैफई स्थित समाधि स्थल पर आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि सभा में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, सांसद डिंपल यादव समेत हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मदद ही मानवता की पहली सीढ़ी: अखिलेश यादव

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भावुक होते हुए कहा कि नेताजी का जीवन हम सबकी सबसे बहुमूल्य धरोहर है। उन्होंने सिखाया कि केवल भेदभाव को ही नहीं, बल्कि ‘भेद के भाव’ को भी मिटाना होगा। जब तक समाज का हर पीड़ित, दुखी और अपमानित व्यक्ति मजबूत नहीं होता, तब तक सच्चा बदलाव असंभव है।

‘पीडीए’ के प्रकाशस्तंभ हैं नेताजी

सपा प्रमुख ने कहा कि आज हर शोषित को एकसूत्र में पिरोने के लिए हम जिस ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को बुनियाद मान रहे हैं, नेताजी सदैव उसके जीवंत प्रतीक रहे हैं। उनकी हर स्मृति हमारे लिए एक प्रेरणा है। समाजवादी पार्टी ने संकल्प लिया है कि नेताजी के विचारों को कई सौ वर्षों तक आगे बढ़ाया जाएगा और कमजोरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला

श्रद्धांजलि सभा के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र-राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग की आड़ में वोट चोरी और धांधली की घिनौनी साजिश रच रही है।

चोर की दाढ़ी में तिनका: एसआईआर और वोट कटवा षड्यंत्र

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में प्रशासन का दुरुपयोग कर परिणामों को बदला गया। पुलिस को सादे कपड़ों में उतारकर वोटिंग प्रभावित की गई। उन्होंने खुलासा किया कि एसआईआर के दौरान फर्जी फॉर्म-7 भरकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों और पीडीए वर्ग के वोट बड़े पैमाने पर काटे गए। लखनऊ की सरोजनीनगर और विधूना विधानसभा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों और जाली दस्तखतों के जरिए लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

संविधान बचाने की अंतिम लड़ाई

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जनता चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है, तब भाजपा सामने आकर बचाव क्यों करती है? इसका साफ मतलब है कि ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ है। आगामी 50 दिनों के बाद उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने की बड़ी परीक्षा शुरू होने जा रही है,

Related Articles

Back to top button