राजनीति

सत्ता के अहंकार में लांघी मर्यादा की सीमा

अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा प्रहार

सनातन आस्था पर शाब्दिक प्रहार

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ दल पर हमला बोलते हुए कहा है कि सत्ता के अहंकार ने नेताओं की बुद्धि भ्रष्ट कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सार्वजनिक मंच से लाखों-करोड़ों सनातनियों की आस्था के प्रतीक और पूज्यनीय संत के प्रति ‘अत्यंत आपत्तिजनक शब्द’ का प्रयोग किया गया है, जो संपूर्ण सनातन समाज के मान-सम्मान पर सीधा प्रहार है।

अपमान से दुखी है विचारशील समाज

अखिलेश यादव ने कहा कि सनातन समाज ने आज से पहले खुद को इतना अपमानित कभी महसूस नहीं किया। आज धर्म-प्रधान और विचारशील व्यक्ति अपमान का यह घूंट पीने को मजबूर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का अंधसमर्थन करने वाले लोग भी इस अमर्यादित टिप्पणी से लज्जित हैं और समाज अब अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए सत्ताधीशों के ‘पद के मद’ को चूर-चूर कर देगा।

शंकराचार्य जी के अपमान का मिलेगा माकूल जवाब

सपा प्रमुख ने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा सरकार में पूज्यनीय शंकराचार्य जी का लगातार अनादर किया जा रहा है। पूज्य शंकराचार्य जी के साथ जो अभद्र व्यवहार और टिप्पणी हुई है, उसकी सजा देश और प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को आने वाले समय में निसंदेह देगी।

हार की बौखलाहट में वर्चस्ववादी सोच

उन्होंने कहा कि सत्ता खोने के डर से घबराए लोग अब दूसरों की संभावनाओं को समाप्त करने पर तुले हैं। एकाकी और वर्चस्ववादी दंभ के दिन अब लद चुके हैं। नकारात्मकता से भरे ये लोग किसी के सगे नहीं हैं, लेकिन जनता अब इस अहंकार को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।

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