उत्तर प्रदेशखेती-किसानी

नीलगाय बनी किसानों के लिए परेशनी, प्रशासन से मदद की आस में किसान

संजय मिश्र

जिला संवाददाता, देवरिया। इन दिनों किसान नीलगाय के आतंक से परेशान है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशु , जंगली जानवर और नीलगाय किसानों के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं है। नीलगाय और जंगली जानवर किसानों की फसल को बुरी तरह रौंद कर भारी नुकसान पहुंचा रही है। नीलगाय सैकड़ों की संख्या में झुंड बना खेतों में घूमती है और काफी हद तक फसलों को बर्बाद कर दे रही है। जिसके चलते किसानो को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

देवरिया जिले के विधान सभा रामपुर कारखाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले गांव बिंदवालिया मिश्र, सिंगाही, नोनापर, दुबौली, बनरही, मड़पही, बभनौली, पीवकोल, इनरहां आदि गांवों के किसानों का कहना है कि नीलगाय हमारी मेहनत और जमापूंजी से तैयार की फसलों को बर्बाद कर रही है। वहीं किसान जिला प्रशासन से गुहार लगा रहें है कि किसी भी प्रकार उनकी फसल को नीलगायों से बचाया जाए।

नीलगाय के आतंक से अपने फसलों को बचाने के लिए किसान अपने खेतों को आर्थिक स्थिति के मुताबिक घेराबंदी कर रहा है, कोई किसान बांस बल्ली के सहारे खेतों को चारों  तरफ से घेर  रखा है।फिर भी इन सब उपायों से इन पर कोई असर पड़ता नही दिख रहा है।नीलगायों के चलते दलहन, मक्का, ज्वार, आलू आदि फसलों की खेती करना ही छोड़ दिया है।

किसानों की अब आखिरी उम्मीद सरकार, और जिला प्रशासन से है,इन नीलगायों को बन विभाग द्वारा पकड़ कर कहीं सुरक्षित स्थान पर ले  जाया जाए।

किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन, वन विभाग से गुहार लगाते हैं कि अपने स्तर पर किसानो की समस्याओं ब दुख दर्द को समझने की प्रयास करें ताकि किसान नुकसान से बच सकें।

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