विरासत से जुड़ें युवा, पहचान को दें नई उड़ान
लखनऊ में ‘यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम’ से 70 छात्रों ने जाना इतिहास का मर्म

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डीएफ हिंदी |
राजधानी लखनऊ में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत एक दिवसीय “यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय (संस्कृति विभाग) द्वारा इतिहास संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय विरासत के महत्व से अवगत कराकर उन्हें संरक्षण का जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बनाना था। इसी कड़ी में प्रतिभागियों को राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों छतर मंजिल और जनरल कोठी (कैसरबाग) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
भ्रमण के दौरान छात्रों को इन धरोहरों के इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़े पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। सरल भाषा और संवादात्मक शैली में समझाई गई जानकारी ने विद्यार्थियों की ऐतिहासिक समझ को और गहरा किया। कार्यक्रम में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक एवं बालिका विद्यालय के कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
निदेशक सुश्री रेनू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को विरासत की परिभाषा, स्वरूप और पहचान के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा में युवाओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा, “विरासत केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि हमारी पहचान और भविष्य की दिशा है। युवाओं को चाहिए कि वे ऐतिहासिक धरोहरों पर गर्व करें और उनके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।” उन्होंने इस पहल को युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में इतिहास संस्थान से सुश्री सुयशा सहित पुरातत्व निदेशालय के अधिकारी, शिक्षकगण और विद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए उन्हें सांस्कृतिक नेतृत्व की ओर अग्रसर करने का प्रभावी मंच साबित हुआ।



