राजस्व लक्ष्य से पीछे कई जिले, आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अवैध शराब और ओवररेटिंग पर सख्ती के निर्देश, लेकिन जमीनी स्तर पर चुनौतियां बरकरार

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी.एफ. हिंदी)
लखनऊ में शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कई गंभीर कमियों पर चिंता जताई। गन्ना संस्थान, डालीबाग में आयोजित इस बैठक में प्रदेश भर के जिला आबकारी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रदेश के कई जिलों में राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो सकी है। इस पर मंत्री ने कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बरेली सहित 10 जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही बिजनौर जिले में मदिरा उद्योग के खिलाफ कथित गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में मंत्री ने पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब, कच्ची शराब, मिलावटी और चोरी की शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों की प्रवर्तन टीमों को सक्रिय निगरानी करने और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कहीं भी शराब की ओवररेटिंग, उद्योगों के संचालन में बाधा या व्यवसायियों को अनावश्यक प्रताड़ना की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी विभाग को 63,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य दिया गया था, जिसमें फरवरी 2026 तक 50,585 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। हालांकि सरकार ने इसे पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बताया है, लेकिन कई जिलों में लक्ष्य से पीछे रहने की स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
फरवरी 2026 में विभाग ने 2,76,438 लीटर अवैध शराब भी बरामद की, जिससे यह संकेत मिलता है कि प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीणा, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह, विशेष सचिव अभिषेक आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



