युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही यूपी सरकारहेडलाइन
कौशल केंद्रों की गुणवत्ता व पारदर्शिता के लिए सख्त निगरानी जरूरी

शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को जोड़ना समय की मांग
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी
लखनऊ, 12 मार्च। Uttar Pradesh Skill Development Mission के तत्वावधान में लखनऊ में आयोजित नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट – उत्तर प्रदेश में प्रदेश में कौशल विकास, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से भविष्य के कार्यबल को तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। राजधानी के होटल सेंट्रम में आयोजित इस समिट की अध्यक्षता मिशन के निदेशक Pulkit Khare ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव Dr Hari Om तथा विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के सलाहकार Avanish Awasthi उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस कर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने कौशल विकास केंद्रों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार प्रत्येक मंडल में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, पीसीएस अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और बैंकरों की समिति गठित कर प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कराया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि कौशल केंद्रों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी—जैसे पाठ्यक्रम, विद्यार्थियों की संख्या, प्रमाणपत्र और रोजगार अवसर—वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 750 प्रशिक्षण भागीदार मिशन से जुड़े हुए हैं और नए भागीदारों के लिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भव्य प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
अपने संबोधन में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को एक साथ जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं में उसे व्यवहारिक रूप से लागू करने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। साथ ही समाज में श्रम और कौशल के प्रति सम्मान की संस्कृति विकसित करने पर भी जोर दिया।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। मिशन के माध्यम से 14 से 35 वर्ष के युवाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डिजिटल लर्निंग पोर्टल के जरिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
समिट में उद्योग, बैंकिंग और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और एआई, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा डिजिटल तकनीकों में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया।


