राजनीति

दलित राजनीति पर फिर तेज हुआ टकराव

मायावती ने सपा-कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना

कांशीराम के नाम पर राजनीति का आरोप

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष Mayawati ने एक बार फिर सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दलित राजनीति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही ये पार्टियां स्वार्थवश बीएसपी संस्थापक Kanshi Ram के नाम का इस्तेमाल कर रही हैं।

मायावती ने अपने बयान में कहा कि जो पार्टियां पहले कांशीराम जी की उपेक्षा करती रही हैं, वही आज उनकी जयंती मना रही हैं और उन्हें ‘भारत रत्न’ देने की मांग कर रही हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह से “हास्यास्पद” करार देते हुए कहा कि यह केवल वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है।

उन्होंने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये दल शुरू से ही बीएसपी को कमजोर करने की कोशिश में लगे रहे हैं। मायावती ने यह भी दावा किया कि कांशीराम जी द्वारा स्थापित पार्टी को उनके रहते कोई भी कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने खुद को उनका एकमात्र राजनीतिक उत्तराधिकारी बताते हुए संगठन की मजबूती का दावा किया।

अपने बयान में मायावती ने विपक्षी दलों के नेताओं पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अब इन पार्टियों के पास अपने महापुरुषों की कमी हो गई है, इसलिए वे दूसरों के महापुरुषों को भुनाने में लगे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार ने बीएसपी शासनकाल में किए गए कई स्मारकों और कार्यों को बदल दिया, जो उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है।

मायावती ने दलित समाज से जुड़े लोगों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वे ऐसी पार्टियों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कांशीराम द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘चमचा युग’ का हवाला देते हुए कहा कि यह आज भी प्रासंगिक है।

आगामी चुनावों से पहले इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है, जहां दलित वोट बैंक को लेकर सियासी जंग और तेज होती दिख रही है।

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