मंत्री के निर्देशों के बावजूद सिस्टम की सुस्ती उजागर
फाइलों में उलझी पंप्ड स्टोरेज योजनाएं🔻 हेडलाइन 3: मंत्री के निर्देशों के बावजूद सिस्टम की सुस्ती उजागर

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क (डीएफ हिंदी)
उत्तर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के बड़े दावों के बीच पंप्ड स्टोरेज पावर (PSP) परियोजनाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में साफ हुआ कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की राह अब भी प्रक्रियागत अड़चनों और विभागीय तालमेल की कमी से बाधित है।
इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में आयोजित बैठक में भले ही त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हों, लेकिन जमीनी स्थिति यह बताती है कि कई परियोजनाएं अब तक वन विभाग और राजस्व अभिलेखों की विसंगतियों में उलझी हुई हैं। बार-बार समीक्षा बैठकों के बावजूद इन समस्याओं का समाधान समय पर न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सरकार जहां इन परियोजनाओं को ऊर्जा भंडारण और ‘पावर सरप्लस’ की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं डेवलपर्स को अब भी भूमि आवंटन और अनुमोदन की प्रक्रियाओं में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इससे परियोजनाओं की समयसीमा प्रभावित हो रही है और निवेशकों का भरोसा भी कमजोर पड़ सकता है।
बैठक में शामिल बड़ी कंपनियों—Adani Green Energy Limited, JSW Energy, Torrent Power और ReNew Power—के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि निजी क्षेत्र की दिलचस्पी तो है, लेकिन सिस्टम की जटिलताएं उनकी रफ्तार पर ब्रेक लगा रही हैं।
मंत्री नंदी ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध समाधान की बात कही, लेकिन सवाल यही है कि जब तक जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक क्या ये निर्देश सिर्फ बैठकों तक ही सीमित रह जाएंगे?
प्रदेश सरकार $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की बात कर रही है, लेकिन ऊर्जा जैसी बुनियादी जरूरतों पर धीमी प्रगति इस लक्ष्य को चुनौती देती नजर आ रही है।



