59 हजार ग्राम पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य, ग्रामीण कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
गांव तक पहुंचेगी बस सेवा, ग्राम परिवहन योजना को मिली तेज रफ्तार

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना अब तेजी से धरातल पर उतरती नजर आ रही है। योजना के तहत पूरे प्रदेश में गांव-गांव तक परिवहन सुविधा पहुंचाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें सभी 20 क्षेत्रों से कुल 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा इस योजना के प्रति निजी क्षेत्र और आम लोगों के उत्साह को दर्शाता है।
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल माह में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और मई से ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य न केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना भी है।
आवेदनों के आंकड़े बताते हैं कि सहारनपुर, प्रयागराज, वाराणसी और मुरादाबाद जैसे क्षेत्रों से सबसे अधिक आवेदन आए हैं, जबकि लखनऊ क्षेत्र से 42 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह दर्शाता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इस योजना को लेकर व्यापक रुचि और भागीदारी देखने को मिल रही है।
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश की लगभग 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। पहले चरण में करीब 12,200 गांवों में 15 से 28 सीट क्षमता वाली निजी मिनी बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। इन बसों के जरिए ग्रामीणों को सीधे विकास खंड, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती और सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और अब तक परिवहन सुविधा से वंचित गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
यह योजना न केवल ग्रामीणों की आवाजाही को आसान बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच को भी मजबूत करेगी। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।



