ईसीआई का सख्त निर्देश—वोट डालने से रोकने पर नियोक्ताओं पर होगी कार्रवाई
चुनाव 2026: मतदान के दिन सवेतन अवकाश अनिवार्य, कर्मचारियों के अधिकार पर जोर

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2026 के विधानसभा आम चुनाव और उपचुनाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन सभी पात्र कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देना अनिवार्य होगा। आयोग के इस फैसले का उद्देश्य अधिकतम मतदान सुनिश्चित करना और मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
15 मार्च 2026 को घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार असम, केरल, पुदुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में 9 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को संपन्न होगा।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के तहत यह प्रावधान किया गया है कि किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में कार्यरत कर्मचारी को मतदान के दिन सवेतन अवकाश दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस अवकाश के कारण कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकती।
आयोग ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई नियोक्ता इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम न केवल नियमित कर्मचारियों, बल्कि दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक मजदूरों पर भी समान रूप से लागू होगा।
विशेष रूप से उन कर्मचारियों को भी राहत दी गई है, जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर कार्यरत हैं। ऐसे मतदाताओं को भी सवेतन अवकाश का लाभ मिलेगा, ताकि वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें।
ईसीआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, जिससे हर मतदाता बिना किसी बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।



