राजनीति

एक ही मतदाता के 10-10 नाम! चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर सपा के गंभीर सवाल

पी की वोटर लिस्ट में बड़ा खेल? सपा ने हजारों डुप्लीकेट वोटरों का लगाया आरोप

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | लखनऊ

Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष Shyam Lal Pal ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर प्रदेशभर की मतदाता सूचियों में कथित भारी गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है।

सपा ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूचियों में हजारों डुप्लीकेट, मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेड मतदाताओं के नाम अब भी दर्ज हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ज्ञापन में विशेष रूप से मैनपुरी, श्रावस्ती और झांसी जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि एक ही मतदाता का नाम कई-कई बार दर्ज है। सपा के मुताबिक मैनपुरी के भोगांव, करहल, किशनी और मैनपुरी विधानसभा क्षेत्रों में हजारों डुप्लीकेट वोटर पाए गए हैं। कई मामलों में एक ही मतदाता का नाम 4, 5 और यहां तक कि 6 बार तक दर्ज होने का आरोप लगाया गया।

श्रावस्ती के भिनगा विधानसभा क्षेत्र में तो एक मतदाता का नाम कथित तौर पर 10 बार तक दर्ज होने की बात कही गई है। वहीं कुछ मतदाताओं के नाम और उनके पिता के नाम एक जैसे दर्ज होने को लेकर भी सवाल उठाए गए। झांसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मृतक मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होने का दावा किया गया है।

सपा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 27 अक्टूबर 2025 से शुरू की गई SIR प्रक्रिया के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों और 1 लाख 77 हजार 516 पोलिंग बूथों पर मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ियां बनी हुई हैं।

पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते मतदाता सूची को शुद्ध और दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले विधानसभा चुनाव की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

सपा नेताओं ने मांग की है कि पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर डुप्लीकेट, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम तत्काल हटाए जाएं ताकि 2027 का चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो सके।

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