
मेधावियों पर सम्मान की वर्षा
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
शिक्षा और संस्कार का संगम तब और प्रेरणादायी बन जाता है, जब प्रतिभा का सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश एक ही मंच से गूंजे। एसआर इंटरनेशनल स्कूल एंड स्पोर्ट्स अकादमी (SRISA) में आईसीएसई कक्षा 10 (सत्र 2025–26) के उत्कृष्ट परिणामों पर आयोजित सम्मान समारोह ने इसी भावना को साकार किया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
प्रतिभा को मिला तकनीक का पुरस्कार
समारोह में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट तथा 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को स्मार्टवॉच देकर सम्मानित किया गया। सभी विद्यार्थियों को स्मृति-चिन्ह एवं विशेष उपहार प्रदान कर उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का अभिनंदन किया गया।
शिक्षकों के समर्पण को भी मिला सम्मान
संस्थान ने केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों का ही नहीं, बल्कि उनके पीछे खड़े शिक्षकों, विभागाध्यक्षों एवं कर्मचारियों के समर्पण को भी सम्मानित किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि उत्कृष्ट परिणाम सामूहिक प्रयास, अनुशासित शिक्षण और अभिभावकों के विश्वास का प्रतिफल हैं।
कारगिल के वीरों को नमन
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा, देशभक्ति सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भावपूर्ण संगीत श्रद्धांजलि ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया। विद्यार्थियों को भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
चरित्र निर्माण ही असली शिक्षा
समारोह में चेयरमैन एवं एमएलसी पवन सिंह चौहान, चेयरपर्सन निर्मला सिंह तथा वाइस चेयरपर्सन सुष्मिता सिंह सहित संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
उत्कृष्टता और राष्ट्रभक्ति का संदेश
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा केवल परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक, सशक्त चरित्र और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के निर्माण का माध्यम है। एसआर इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर सिद्ध किया कि वास्तविक शिक्षा वही है, जो मेधा को सम्मान और मातृभूमि को सर्वोच्च स्थान देना सिखाती है।




