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डाक टिकटों का शौक बनेगा शोध की राह

दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति परीक्षा में 76 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, डाक विभाग की अनूठी पहल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

। आधुनिक दौर में बच्चों के भीतर रचनात्मक अभिरुचि और शोध की प्रवृत्ति विकसित करने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग द्वारा संचालित दीन दयाल स्पर्श योजना (Scholarship for Promotion of Aptitude & Research in Stamp as a Hobby) के अंतर्गत लखनऊ में प्रथम चरण की लिखित प्रश्नोत्तरी परीक्षा आयोजित की गई। लखनऊ जीपीओ में हुई परीक्षा में विभिन्न विद्यालयों के 76 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

डाक टिकटों से ज्ञान की उड़ान

डाक विभाग की यह योजना कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों के लिए संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में डाक टिकटों के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ फिलेटली के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, विज्ञान और समाज से जुड़े विषयों को समझने तथा शोध की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना है।

योजना के तहत ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रस्ताव है, जिनका शैक्षिक रिकॉर्ड अच्छा है और जिन्होंने डाक टिकट संग्रह को अपने शौक के रूप में अपनाया है।

76 बच्चों ने दी परीक्षा

प्रथम चरण के तहत आयोजित लिखित प्रश्नोत्तरी परीक्षा में लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें नवयुग रेडियंस, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल और जागरण पब्लिक स्कूल के कक्षा 6, 7, 8 और 9 के कुल 76 विद्यार्थी शामिल रहे।

परीक्षा ने विद्यार्थियों को सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं से अलग एक ऐसे विषय से जोड़ने का अवसर दिया, जिसमें ज्ञान के साथ संग्रह और रचनात्मकता का भी मेल है।

अधिकारियों की मौजूदगी

परीक्षा कार्यक्रम में अवधेश कुमार, डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर, लखनऊ जीपीओ, विनय शंकर श्रीवास्तव, डिप्टी पोस्टमास्टर रजिस्टर्ड इम्पोर्ट तथा नरेश चन्द्र गुप्ता, डिप्टी पोस्टमास्टर डाक वितरण, लखनऊ जीपीओ सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

डाक विभाग की इस पहल से बच्चों के बीच फिलेटली को महज पुराने डाक टिकटों के संग्रह तक सीमित रखने के बजाय ज्ञान, जिज्ञासा और शोध की आदत से जोड़ने का प्रयास सामने आया है।

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