राजनीति

लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला: चुनाव आयोग के खिलाफ ‘इण्डिया’ ब्लॉक का हल्ला बोल,

अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज हिरासत में!

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

देश की राजधानी दिल्ली में लोकतंत्र को तार-तार करने वाली एक अभूतपूर्व घटना सामने आई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया में हुई सुनियोजित धांधली के खिलाफ ‘इण्डिया’ ब्लॉक के तमाम शीर्ष नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को सड़क पर उतरकर जोरदार हुंकार भरी। संसद के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर निकाला जा रहा यह मार्च व्यवस्था के अहंकार से टकरा गया, जहाँ पुलिस ने बेरहमी से रास्ते में रोककर विपक्षी सांसदों को सड़क पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी दिग्गजों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

“जो देश की खातिर लड़ते हैं, वो गिरफ्तारी से नहीं डरते”

गिरफ्तारी के बाद श्री अखिलेश यादव ने सत्ता के सिंहासन पर सीधा प्रहार करते हुए हुंकार भरी कि जो देश और संविधान की खातिर लड़ते हैं, वे दमनकारी गिरफ्तारियों से कभी नहीं डरते। उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि आज “भाजपा ही सीईसी बन चुकी है” और पूरे देश का एकमत स्वर यही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त तत्काल अपने पद से त्यागपत्र दें।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ या ‘वन करप्शन, वन इलेक्शन’?

सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के ढकोसले पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक खतरनाक ‘चंडीगढ़ी चाल’ करार दिया। उन्होंने गर्जना करते हुए कहा कि इनका असली मंसूबा यह है कि एक ही बार में सब कुछ निपटा दो, ताकि बार-बार घपला करने की जरूरत ही न पड़े। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाइयों को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की जगह वास्तव में यह कहना चाहिए—‘वन करप्शन, वन इलेक्शन’, यानी जिंदगी में सिर्फ एक बार चुनाव कराओ और फिर हमेशा के लिए लोकतंत्र का गला घोंट दो!

यह विरोध प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर मंडराते खतरे के खिलाफ विपक्ष अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

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