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विधान परिषद चुनाव 2026: लखनऊ स्नातक व शिक्षक सीट पर नामांकन के पहले दिन पसरा सन्नाटा

खाता तक न खुला

पहले दिन एक भी पर्चा दाखिल नहीं

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खण्ड स्नातक एवं लखनऊ खण्ड शिक्षक निर्वाचन-2026 की नामांकन प्रक्रिया के पहले ही दिन राजनीतिक सुस्ती और अविश्वास का माहौल देखने को मिला। मण्डलायुक्त कार्यालय के कक्ष संख्या-01 (न्यायालय आयुक्त) में रिटर्निंग ऑफिसर एवं मण्डलायुक्त श्री विजय विश्वास पंत की मौजूदगी के बावजूद पहले दिन कोई भी उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करने की हिम्मत नहीं जुटा सका और प्रक्रिया शून्य पर सिमट गई।

15 पर्चे बिके, पर दावेदारों में झिझक कायम

भले ही रिटर्निंग ऑफिसर ने दिन भर में कुल 15 नामाकंन प्रपत्रों के वितरण का दावा किया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर चुनावी सरगर्मी पूरी तरह नदारद रही। पर्चे खरीदने के बावजूद मुख्य राजनीतिक दलों और निर्दलीय दावेदारों का नामांकन दाखिल न करना उनकी हिचकिचाहट और जमीनी तैयारी के अभाव की ओर सीधा इशारा करता है।

शिक्षक खण्ड: पर्चे बिके पर मैदान खाली

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 6 नामांकन फार्म बांटे गए, जिनमें समाजवादी पार्टी के सुनील कुमार (लखनऊ) और 5 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। हालांकि, पहले दिन किसी भी प्रत्याशी द्वारा औपचारिक पर्चा न भरा जाना शिक्षक वर्ग के मुद्दों पर राजनीतिक दलों की उदासीनता को उजागर करता है।

स्नातक खण्ड: भाजपा, सपा और बसपा की रणनीति पर उठे सवाल

स्नातक खण्ड के लिए सर्वाधिक 9 पर्चे बांटे गए, जिनमें भाजपा के अवनीश कुमार सिंह, सपा की कांति सिंह और बसपा के चंद्रभान मौर्य जैसे नाम शामिल हैं। इसके बावजूद, बड़ी पार्टियों के दिग्गजों द्वारा पहले दिन पर्चा दाखिल न करने से राजनीतिक विश्लेषक इसे दलों के भीतर जारी अंदरूनी खींचतान और असमंजस की स्थिति के रूप में देख रहे हैं।

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