राजनीति

बहुमत पर बहस

‘जहरीला बहुमत’ का लखनऊ में विमोचन

लोकतंत्र, सत्ता और समाज पर वैचारिक मंथन

कैफ़ी आज़मी सभागार में जुटे साहित्यकार और बुद्धिजीवी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

लोकतंत्र में बहुमत की भूमिका, सत्ता की जवाबदेही और सामाजिक सरोकारों को लेकर राजधानी लखनऊ में गंभीर वैचारिक विमर्श देखने को मिला। निशातगंज स्थित कैफ़ी आज़मी सभागार में रविवार, 27 सितंबर 2026 को लेखक डॉ. देवेंद्र प्रताप यादव की पुस्तक ‘जहरीला बहुमत: जब बहुमत बना विनाश का हथियार’ का विमोचन समारोह आयोजित किया गया।

बहुमत पर सवाल

पुस्तक के शीर्षक और विषय को केंद्र में रखकर कार्यक्रम में लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहुमत की भूमिका पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सत्ता, समाज, लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। पुस्तक में उठाए गए सवालों को समकालीन राजनीतिक विमर्श के संदर्भ में देखने की कोशिश की गई।

दिग्गज वक्ताओं की मौजूदगी

कार्यक्रम में शोभा अक्षर, सहायक संपादक, ‘हंस’ पत्रिका; डॉ. बी.पी. अशोक, पूर्व आईपीएस; डॉ. कालीचरण सनेही, पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय; लेखक-संपादक चंद्रभूषण सिंह यादव और ‘नेशनल जनमत’ के प्रधान संपादक नीरज पटेल सहित कई वक्ताओं ने हिस्सा लिया।

विचारों का विस्तार

रामलगन सिंह यादव, अजरा मोबिन, रामकुमार गौतम, इंजी. भीमराज, डॉ. सुविधा वत्स और सत्यम प्रजापति समेत अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने विचार रखे। चर्चा में लोकतंत्र की प्रकृति, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और बदलते सामाजिक परिदृश्य से जुड़े सवालों को स्थान मिला।

साहित्य से राजनीति तक

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य पुस्तक के माध्यम से लोकतंत्र और समकालीन राजनीति से जुड़े प्रश्नों पर संवाद को आगे बढ़ाना था। रिहाई मंच सहित विभिन्न संगठनों और मंचों की भागीदारी रही।

कार्यक्रम में पुस्तक को लेकर उपस्थित पाठकों और बुद्धिजीवियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। विमोचन समारोह ने यह रेखांकित किया कि साहित्य और राजनीति के बीच संवाद लोकतांत्रिक संस्थाओं, सत्ता की भूमिका और नागरिक सरोकारों पर सार्वजनिक चर्चा का एक माध्यम बन सकता है।

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