शिक्षा

बाल निकुंज में मेधावी छात्रों और गुरुओं का ऐतिहासिक सम्मान

शिक्षा का महाकुंभ:

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ‘बाल निकुंज स्कूल्स एंड कॉलेजेस’ ने एक बार फिर शिक्षा जगत में उत्कृष्टता की एक नई इबारत लिखी है। मोहिबुल्लापुर स्थित शिव सहाय जी सभागार में आयोजित भव्य समारोह में संस्थान की पांचों शाखाओं के 74 मेधावी विद्यार्थियों और उनके 74 समर्पित शिक्षकों को नगद पुरस्कार से अलंकृत किया गया। यह आयोजन सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम, मेधा और गुरु-शिष्य परंपरा का एक विहंगम संगम था।

साइंस ओलंपियाड में मेधा का परचम

विगत दो रविवारों को आयोजित साइंस ओलंपियाड, प्री-बोर्ड और यूनिट टेस्ट परीक्षाओं के परिणामों ने यह साबित कर दिया कि बाल निकुंज के छात्र हर चुनौती के लिए तैयार हैं। आठ अलग-अलग विषयों में आयोजित इस बौद्धिक महासमर में छात्रों ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

  • गणित और विज्ञान में दबदबा: हाईस्कूल गणित में पलटन छावनी शाखा की वंशिका यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विज्ञान वर्ग में बॉयज विंग के ध्रुव अग्निहोत्री और इंटरमीडिएट गणित में प्रियांशु यादव ने सर्वोच्च स्थान हासिल कर संस्थान का मान बढ़ाया।
  • रसायन और जीव विज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन: रसायन विज्ञान में पलटन शाखा के विद्यार्थियों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय—तीनों स्थानों पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया। वहीं, जीव विज्ञान में गर्ल्स विंग की शिवानी राव, अकाउंटेंसी में पलटन शाखा के प्रिंस अग्रवाल और राजनीति विज्ञान में गर्ल्स विंग की दिव्या वर्मा ने प्रथम स्थान अपने नाम किया।

अनुशासन और श्रेष्ठता की नई मिसाल

समारोह के दौरान ‘चल वैजयंती प्रोग्राम’ के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली ‘ऑल राउंड सुपर क्लास’ का भी चयन किया गया। इसके साथ ही, सितंबर माह की प्री-बोर्ड और यूनिट टेस्ट परीक्षाओं में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 36 मेधावी विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को भी नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

गरिमामयी उपस्थिति

इस प्रेरणादायी आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए संस्थान के प्रबंध निदेशक एच.एन. जायसवाल, कोऑर्डिनेटर सुधीर मिश्रा सहित सभी शाखाओं के प्रधानाचार्य, इंचार्ज और शिक्षकगण उपस्थित रहे। बाल निकुंज का यह मंच इस बात का गवाह बना कि जब सच्ची मेहनत और सही मार्गदर्शन मिलते हैं, तो सफलता खुद ब खुद कदम चूमती है। मेधावियों के खिलखिलाते चेहरों और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा।

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