रोडवेज में खर्च कटौती का बड़ा फैसला, हर क्षेत्र में अब केवल एक प्रवर्तन दल
बॉडी वार्न कैमरा के बिना चेकिंग अमान्य, परिवहन निगम ने बदली प्रवर्तन व्यवस्था

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बढ़ते ईंधन व्यय और प्रवर्तन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। प्रबंध निदेशक श्री प्रभु एन सिंह ने समस्त मुख्यालय नियंत्रित इंटरसेप्टर प्रवर्तन दलों एवं क्षेत्रीय स्तर पर संचालित प्रवर्तन टीमों की व्यवस्था में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन करने के निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक क्षेत्र में अब केवल एक प्रवर्तन दल ही कार्य करेगा। साथ ही प्रत्येक प्रवर्तन दल में केवल एक चालक की तैनाती होगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि डिपो एवं क्षेत्रीय स्तर पर अतिरिक्त रूप से तैनात कर्मचारियों को उनके मूल पदों के अनुसार वापस कार्य सौंपे जाएंगे। यातायात अधीक्षक, यातायात निरीक्षक और सहायक यातायात निरीक्षकों को कार्यालय संबंधी जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
प्रबंध निदेशक ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना बॉडी वार्न कैमरा के की गई कोई भी चेकिंग अथवा निरीक्षण कार्रवाई मान्य नहीं होगी। निगम प्रशासन का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवादों पर रोक लगेगी।
श्री सिंह ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी देते हुए कहा कि प्रवर्तन दलों में केवल अनुशासित, उत्कृष्ट कार्यशैली और साफ छवि वाले कर्मचारियों की ही तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक स्वयं प्रवर्तन कार्यों की निगरानी करेंगे।
निगम ने एक माह की परीक्षण अवधि के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है। इसके अलावा यह भी तय किया गया है कि परीक्षण अवधि के बाद किसी भी यातायात निरीक्षक को उसी पुराने मार्ग या स्थान पर दोबारा तैनात नहीं किया जाएगा।
प्रबंध निदेशक ने चालक और परिचालकों से बिना दबाव और बिना चेकिंग व्यवस्था के भी अधिकतम राजस्व अर्जित कर आत्मानुशासन और कार्यनिष्ठा दिखाने की अपेक्षा जताई है।



