उत्तर प्रदेशलखनऊ

प्रत्येक जिले में 10 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित करने का लक्ष्य

निश्चय टाइम्स, लखनऊ। प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने दोनों विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक हर हाल में पहुंचे, इसके लिए प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाया जाए।
मंत्री कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजन भरण-पोषण अनुदान योजना एवं कुष्ठावस्था पेंशन योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को निरंतर आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में लगभग 11 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। इसी तरह कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 12,000 से अधिक लाभार्थियों को पेंशन की धनराशि प्राप्त हो चुकी है।
कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत लगभग 16,000 दिव्यांगजनों को चिन्हित कर लिया गया है, जिन्हें जल्द ही उपकरण वितरित किए जाएंगे। मंत्री ने निर्देशित किया कि चिन्हित लाभार्थियों को समयबद्ध ढंग से उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।


निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद को 10 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित करने का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर वितरण की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। दिव्यांग व्यक्ति प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत विवाह करने वाले दिव्यांगजनो को लाभ दिलाने हेतु लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
शल्य चिकित्सा अनुदान योजना पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि इस योजना में प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष बजट की व्यवस्था हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय से सहायता मिल सके। बैठक के दौरान मंत्री ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने शादी अनुदान योजना, छात्रवृत्ति योजना और कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना की प्रगति का ब्योरा लेते हुए इन योजनाओं के लाभ को अधिकतम पात्र युवाओं तक पहुंचाने के लिए निर्देशित किया।
कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 35 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। अब तक इस योजना के लिए 8,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस योजना का जनजागरण अभियान चलाकर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि तकनीकी दक्षता बढ़े और रोजगार के अवसर मिल सकें। मंत्री ने यह भी अवगत कराया कि इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2025 है। शादी अनुदान योजना के अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 74,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्री द्वारा दिए गए। मंत्री ने पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति तथा शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्रों को समय पर सहायता राशि प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समयबद्ध छात्रवृत्ति वितरण से विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सुविधा होती है और योजना की उपयोगिता भी सिद्ध होती है।

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