धर्म

इस्लाम ने पहले ही दिया है महिलाओं को बराबरी का दर्जा – डॉ कुदूस हाशमी

महिला दिवस पर यूनानी कॉलेज में गूंजा महिलाओं के सम्मान और समानता का संदेश

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क, डीएफ हिंदी

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित State Takmilut Tib College & Hospital के निस्वान व कबालत विभाग द्वारा एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Dr Qudus Hashmi (सचिव, Maulana Azad Memorial Academy, लखनऊ) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनीराम सिंह ने की और उन्होंने मुख्य अतिथि सहित सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर विभाग की शोध छात्राओं और वक्ताओं ने महिला सम्मान, सुरक्षा और समान अवसरों पर अपने विचार साझा किए। डॉ असमा ने कहा कि महिलाओं के लिए केवल एक दिन का उत्सव मनाने से अधिक जरूरी है कि उन्हें समाज और परिवार में सम्मान तथा बराबरी का अधिकार मिले। डॉ नगमा ने “मैं नारी हूं” शीर्षक कविता का पाठ कर कार्यक्रम में भावनात्मक रंग भर दिया।

डॉ फातिमा ने समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भी कई घरों में बच्ची के जन्म पर वैसी खुशी नहीं मनाई जाती जैसी बेटे के जन्म पर मनाई जाती है। डॉ एमन नसीम ने महिलाओं के कार्य को उचित सम्मान और न्याय मिलने की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि डॉ अजीजा ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सशक्त सामाजिक व्यवस्था बनाने की बात कही।

डॉ नवाजिशा ने कहा कि हर बच्ची को जन्म का अधिकार और न्याय मिलना चाहिए, वहीं डॉ सुबुल ने कहा कि महिलाओं को अपने घर से ही अवसर और पहचान मिलनी चाहिए। डॉ रुश्दा ने महिलाओं को प्रोत्साहन मिलने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे वे और बेहतर कार्य कर सकती हैं।

डॉ फरहीन ने इस्लाम के नजरिए से महिलाओं के सम्मान और समानता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ कुदूस हाशमी ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को बराबरी का दर्जा पहले ही दे दिया है और समाज को इसे सही रूप में समझने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनीराम सिंह द्वारा उपस्थित महिलाओं को उपहार प्रदान किए गए और सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।

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