कानपुर

कानपुर में अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर, 11 बीघे में निर्माण ध्वस्त

बिना अनुमति बस रही थीं कॉलोनियां, भोले-भाले खरीदारों से ठगी का आरोप

विकास प्राधिकरण की कार्रवाई से उजागर हुआ अवैध रियल एस्टेट नेटवर्क

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क, डीएफ हिंदी

कानपुर में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति विकसित हो रही कॉलोनियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Kanpur Development Authority की प्रवर्तन टीम ने लगभग 11 बीघे में चल रहे अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई ने शहर में तेजी से फैल रहे अवैध रियल एस्टेट कारोबार और उससे जुड़े जोखिमों को फिर से उजागर कर दिया है।

कार्रवाई विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी Ravi Pratap Singh के नेतृत्व में की गई। बताया गया कि ग्राम चिरान और ग्राम कटरी ख्यौरा क्षेत्र में बिना प्राधिकरण से अनुमति लिए प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी। यहां सड़क, नाला, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे, पिलर और एंट्री गेट जैसी संरचनाएं तैयार की जा रही थीं, जिन्हें दो जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार यह प्लॉटिंग बिना नक्शा स्वीकृत कराए और बिना किसी वैधानिक अनुमति के विकसित की जा रही थी। आरोप है कि इस तरह की अवैध कॉलोनियों में भोले-भाले लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन बेची जाती है, जबकि बाद में खरीदारों को पता चलता है कि जमीन कानूनी रूप से मान्य ही नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहर के आसपास तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियां भविष्य में बड़ी शहरी समस्याओं को जन्म दे सकती हैं। इन क्षेत्रों में न तो मानक के अनुरूप सड़कें होती हैं और न ही नाली, बिजली, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो पाती हैं। इसके अलावा ऐसी अनियोजित बस्तियों से जलभराव, ट्रैफिक अव्यवस्था और पर्यावरणीय नुकसान की समस्या भी बढ़ती है।

कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन टीम के साथ इंजीनियरिंग स्टाफ और Uttar Pradesh Police का पर्याप्त बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्लॉट खरीदने से पहले विकास प्राधिकरण से उसकी वैधता की जांच जरूर कर लें।

हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि इतनी बड़ी अवैध प्लॉटिंग लंबे समय से विकसित हो रही थी तो प्रशासन को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई। शहर में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button