धर्म

हज यात्रियों पर सख्त नियम, बढ़ी परेशानी

अदाही प्रक्रिया भी ऑनलाइन, खर्च का बोझ यात्रियों पर

मेडिकल-वैक्सीनेशन अनिवार्य, समयसीमा का दबाव

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क (डीएफ हिंदी)
हज यात्रा की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने इस बार नियमों और प्रक्रियाओं का बोझ बढ़ता नजर आ रहा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सऊदी अरब का हज मंत्रालय ने सभी हज यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन अनिवार्य कर दिया है, जिससे अंतिम समय में भागदौड़ और दबाव बढ़ गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाणपत्र 18 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा करना होगा। वहीं वैक्सीनेशन यात्रा से 10 दिन पहले तक कराया जा सकता है। लेकिन कम समय में इन प्रक्रियाओं को पूरा करना कई यात्रियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वालों के लिए।

स्थिति और जटिल तब हो जाती है जब नॉन रेजिडेंट इंडियंस (NRI) यात्रियों को विदेश में ही मेडिकल जांच कराकर प्रमाणपत्र राज्य हज समिति को भेजना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा मेडिकल और वैक्सीनेशन का पूरा खर्च यात्रियों को खुद उठाना होगा, जिससे आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।

एक और बड़ा बदलाव अदाही (कुर्बानी) प्रक्रिया को लेकर किया गया है। अब Nusuk Portal के माध्यम से ही जानवरों की कुर्बानी की बुकिंग अनिवार्य कर दी गई है। जिन यात्रियों ने अब तक यह विकल्प नहीं चुना है, उन्हें 23 मार्च 2026 तक अंतिम मौका दिया गया है।

डिजिटल प्रक्रिया और समयसीमा की सख्ती ने बुजुर्ग और तकनीक से अनभिज्ञ यात्रियों के लिए नई दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह पूरी व्यवस्था यात्रियों को सुविधा देने के बजाय और ज्यादा उलझन में डाल रही है?

यात्रियों को मूल हेल्थ कार्ड यात्रा के दौरान साथ रखने का निर्देश भी दिया गया है। कुल मिलाकर इस बार हज यात्रा से पहले कागजी और तकनीकी प्रक्रियाओं की लंबी सूची ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है।

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