शिक्षा

3D प्रिंटिंग लैब से दिव्यांगजनों को मिलेगा मुफ्त अत्याधुनिक कृत्रिम अंग

शकुन्तला विवि को UN एजेंसी से 1.68 करोड़ का बड़ा अनुदान

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क

डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। United Nations Industrial Development Organization (यूएनआईडीओ) द्वारा विश्वविद्यालय को 1.68 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान जापान की अग्रणी संस्था Instalimb के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण पहल के तहत विश्वविद्यालय के कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र में अत्याधुनिक 3D प्रिंटिंग लैब स्थापित की जाएगी। इस तकनीक के जरिए घुटने के ऊपर और नीचे कटे हुए अंग वाले दिव्यांगजनों को मुफ्त, सटीक और उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे।

जापान से आए इंस्टालिंब के वाइस प्रेसिडेंट Takayuki Tanaka ने विश्वविद्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और कुलपति आचार्य संजय सिंह से मुलाकात की। विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर उन्होंने इस परियोजना के लिए अत्याधुनिक मशीनें और तकनीक उपलब्ध कराने पर सहमति दी।

कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि जल्द ही इंस्टालिंब के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। इस परियोजना को चार चरणों में लागू किया जाएगा—मशीनों की स्थापना, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन व संचालन और तकनीक को अकादमिक पाठ्यक्रम में शामिल करना।

खास बात यह है कि इंस्टालिंब की ओर से एक वर्ष तक प्रशिक्षित ट्रेनर विश्वविद्यालय में मौजूद रहेंगे, जिससे स्टाफ पूरी तरह दक्ष बन सकेगा। इससे न केवल कृत्रिम अंगों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी।

कुलपति ने इसे “गर्व का क्षण” बताते हुए कहा कि यह पहल दिव्यांगजनों के पुनर्वास के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी। साथ ही, शोध और नवाचार के नए द्वार भी खोलेगी।

यह परियोजना लखनऊ और पूरे प्रदेश के लिए सामाजिक समावेशन और तकनीकी प्रगति का बड़ा उदाहरण बनने जा रही है।

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