योगी सरकार के एआई विजन से लखनऊ बना टेक्नोलॉजी हब
एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव में भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस पर मंथन

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी आधारित शासन के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ में देशभर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, नीति निर्माताओं और लोक प्रशासकों ने भाग लेकर भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस पर व्यापक चर्चा की।
कॉन्क्लेव में ‘द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटरः कॉम्पिटेंसीज फॉर ए न्यू एरा ऑफ गवर्नेंस’ विषय पर विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई। इसका संचालन एनआईएचआईटी (NIHIT) की संस्थापक एवं इंडिया-यूएस सीईओ फोरम की वर्किंग ग्रुप-7 की शेरपा डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से लखनऊ, अब केवल तहज़ीब का शहर नहीं बल्कि नवाचार और तकनीकी विकास का नया केंद्र बन रहा है।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि इनमोबी जैसी कंपनियों के डीपटेक ऑपरेशन्स शुरू होने से प्रदेश में रिसर्च, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप्स और गवर्नेंस का मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘MANAV’ फ्रेमवर्क का उल्लेख करते हुए मानव केंद्रित और जवाबदेह एआई की आवश्यकता पर जोर दिया।
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एआई नीति पर भी चर्चा हुई। हाल ही में लखनऊ की वृंदावन योजना में ₹368 करोड़ की लागत से देश की पहली एआई सिटी को मंजूरी दी गई है, जबकि यूपी एआई मिशन के लिए ₹225 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यूपी सरकारी कार्यप्रणालियों में एआई ट्रांसफॉर्मेशन का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने कहा कि सरकार एआई, क्वांटम और डीपटेक तकनीकों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है।



