उत्तर प्रदेश

सहजन बनेगा किसानों की नई ताकत? वृक्षारोपण अभियान में शामिल करने की उठी मांग

80 से 150 रुपये किलो बिक रही सहजन की पत्तियां, कृषि क्षेत्र में नई उम्मीद

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

जे वी के एस बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की निदेशक Dr. Kamini Singh ने उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त Deepak Kumar को ज्ञापन सौंपकर आगामी वृक्षारोपण अभियान में सहजन (मोरिंगा) के पौधों को बड़े स्तर पर शामिल करने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया कि सहजन केवल औषधीय और पोषण की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम भी बन सकता है। वर्तमान समय में इसकी पत्तियों की खरीद 80 से 150 रुपये प्रति किलो तक हो रही है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

डॉ. कामिनी सिंह ने बताया कि सहजन का पौधा कम पानी में भी आसानी से तैयार हो जाता है और इसकी देखभाल में ज्यादा खर्च नहीं आता। इसके अलावा यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड को अधिक मात्रा में अवशोषित करने वाले पौधों में शामिल माना जाता है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार वृक्षारोपण योजनाओं में सहजन को प्राथमिकता देती है तो इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने, हरित आवरण मजबूत करने और जल संरक्षण जैसे कई उद्देश्यों को एक साथ पूरा किया जा सकता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के कारण देश और विदेश में सहजन की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके पत्ते, फलियां और बीज आयुर्वेद, न्यूट्रास्यूटिकल्स और खाद्य उद्योग में तेजी से उपयोग किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इस दिशा में नीति स्तर पर कदम उठाती है तो सहजन आने वाले समय में किसानों के लिए नकदी फसल का बड़ा विकल्प बन सकता है।

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