एनएचआरसी सख्त: नाम और लोगो के दुरुपयोग पर स्वतः संज्ञान
🚨 दो हफ्ते में कार्रवाई का अल्टीमेटम, सभी राज्यों के मुख्य सचिव व डीजीपी को नोटिस

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने अपने नाम और लोगो के कथित दुरुपयोग को लेकर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने देशभर में कुछ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) द्वारा अपने नाम से मिलते-जुलते भ्रामक नामों से पंजीकरण कराने के मामलों का स्वतः संज्ञान लिया है।
हाल ही में आयोग के संज्ञान में “राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद (एनएचआरसी)” नाम से पंजीकृत एक संगठन का मामला आया, जो कथित रूप से 2022 में दिल्ली में पंजीकृत हुआ। इस संगठन ने अपनी प्रचार सामग्री में नीति आयोग, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और सामाजिक न्याय मंत्रालय से संबद्ध होने जैसे दावे किए हैं। कर्नाटक में इसके “राज्य अध्यक्ष” के नाम से विजिटिंग कार्ड भी प्रसारित किए गए हैं।
आयोग का मानना है कि ऐसे भ्रामक नाम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं और यह विश्वास दिलाते हैं कि संबंधित संगठन एनएचआरसी का हिस्सा या उससे अधिकृत है। इससे न केवल जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है, बल्कि जनादेश के दुरुपयोग और धन के संभावित गबन जैसी आशंकाएं भी बढ़ सकती हैं।
आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे संगठनों की पहचान कर दो सप्ताह के भीतर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसमें नियमों के उल्लंघन के आधार पर पंजीकरण निरस्त करना भी शामिल है।
साथ ही, कर्नाटक के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक तथा दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त से इस विशेष मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
एनएचआरसी ने स्पष्ट किया है कि उसके नाम और प्रतीक चिह्न का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



