भारत बना ड्रग ट्रांजिट हब का निशाना, सीरियाई नागरिक गिरफ्तार
ऑपरेशन RAGEPILL में NCB की बड़ी सफलता, ₹182 करोड़ का कैप्टागन जब्त

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत एक विशाल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में पहली बार भारत में मध्य-पूर्व देशों में प्रचलित खतरनाक मादक पदार्थ कैप्टागन की बड़ी खेप जब्त की गई है। कुल 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग ₹182 करोड़ आंकी गई है।
इस मामले में एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी देश में रहकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के लिए काम कर रहा था।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए एनसीबी अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प के तहत ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने इसे भारत में पहली बार कथित “जिहादी ड्रग” कैप्टागन की जब्ती बताते हुए कहा कि भारत को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर एनसीबी ने नई दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र में एक मकान की पहचान की। 11 मई 2026 को तलाशी अभियान के दौरान चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था।
आरोपी से पूछताछ के बाद जांच गुजरात के मुंद्रा कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन तक पहुंची। वहां 14 मई को सीरिया से आयात किए गए एक कंटेनर की तलाशी ली गई, जिसमें भेड़ की ऊन के बीच छिपाकर रखे गए तीन बैगों से लगभग 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया।
एनसीबी के अनुसार कैप्टागन में फेनेटाइलीन और एम्फेटामाइन जैसे नशीले तत्व पाए जाते हैं, जो एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित हैं। मध्य-पूर्व के कई देशों में इसका दुरुपयोग गंभीर समस्या बन चुका है।
यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में मुंबई में भी इक्वाडोर से आए कंटेनर से 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की गई थी। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट अब व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर व्यापार मार्गों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
एनसीबी ने अब ड्रग्स के खरीद स्रोत, हवाला नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स चैन, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अन्य विदेशी नेटवर्क की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ड्रग्स से जुड़ी किसी भी जानकारी को MANAS हेल्पलाइन 1933 पर साझा करें।
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