उत्तर प्रदेश

आगरा में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार, डेढ़ करोड़ के ‘फिजिशियन सैंपल’ बरामद

एक्सपायरी दवाओं पर नए लेबल लगाकर हो रही थी बिक्री, 29 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने मारा छापा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आगरा में नकली और काउंटरफिट दवाओं के बड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दिन तक विशेष अभियान चलाया। 21 मई से 23 मई 2026 तक चले इस अभियान में प्रदेशभर से 29 ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम ने कई मेडिकल स्टोर और गोदामों पर छापेमारी की।

जांच में सामने आया कि कुछ कारोबारी नामी कंपनियों की नकली दवाएं बेच रहे थे। वहीं एक्सपायरी हो चुकी दवाओं पर नए लेबल लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में उतारा जा रहा था। इतना ही नहीं, सरकारी सप्लाई और “Physician Sample – Not For Sale” लिखी दवाओं को भी अवैध तरीके से बाजार में बेचा जा रहा था।

अभियान के दौरान कई मेडिकल स्टोरों पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के बाद लाखों रुपये की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई। विभाग ने करीब 19.38 लाख रुपये की दवाओं का स्टॉक फ्रीज किया, जबकि 3.6 लाख रुपये की दवाएं सीज की गईं। कई जगहों पर इंसुलिन और महंगे इंजेक्शन बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखे मिले, जो मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

सबसे बड़ी कार्रवाई झूलेलाल मार्केट में की गई, जहां एक अवैध गोदाम से 30 से ज्यादा कंपनियों की भारी मात्रा में “Not For Sale” दवाएं बरामद हुईं। इनमें Macleods, Dr. Reddy’s, Lupin, Glenmark और Zydus जैसी बड़ी कंपनियों की दवाएं शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन दवाओं की बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है।

टीम ने कुल 48 संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने साफ किया है कि नकली दवाओं के इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे भी प्रदेशभर में इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

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